Senior Citizen New Update – देश में बढ़ती उम्रदराज़ आबादी की ज़रूरतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने नए वित्तीय वर्ष यानी 1 अप्रैल 2026 से वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने की दिशा में कई अहम कदम उठाए हैं। ये बदलाव बुजुर्गों की आर्थिक, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। यदि आपके घर में 60 साल या उससे अधिक उम्र का कोई बड़ा-बुज़ुर्ग है, तो यह लेख उनके लिए बेहद काम का साबित हो सकता है।
करों में राहत — बचत पर बढ़ेगा फ़ायदा
नए वित्त वर्ष में 60 से 80 वर्ष की आयु वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयकर में छूट की सीमा को पहले से अधिक किया गया है। इससे पेंशन और बचत खातों से होने वाली कमाई पर कर का बोझ पहले की तुलना में कम होगा। वहीं 80 वर्ष से ऊपर के अति-वरिष्ठ नागरिकों को और भी बेहतर कर लाभ दिए जाएंगे, ताकि वे अपनी जमा पूंजी का उपयोग अपनी ज़रूरतों के अनुसार बेहतर तरीके से कर सकें। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) पर ब्याज दरें और आकर्षक होने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य सेवाएं — इलाज अब और सुलभ
आयुष्मान भारत योजना के दायरे को विस्तार दिया गया है। अब 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी बुजुर्ग नागरिक सरकारी अस्पतालों में ₹5 लाख तक का मुफ्त उपचार पा सकते हैं। इसमें हृदय रोग, कैंसर और गुर्दे से जुड़ी गंभीर बीमारियों का इलाज भी शामिल है। इसके अलावा जन औषधि केंद्रों पर सस्ती दवाइयाँ पहले से भी अधिक रियायती दामों पर उपलब्ध होंगी। मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों के ज़रिए घर पर ही जाँच-पड़ताल की सुविधा भी बुजुर्गों तक पहुंचाई जाएगी।
पेंशन में बढ़ोतरी — आर्थिक सहारा मज़बूत होगा
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत मिलने वाली मासिक राशि को बढ़ाया जाएगा, जिससे असहाय और ज़रूरतमंद बुजुर्गों को आर्थिक मज़बूती मिलेगी। सरकारी पेंशनधारकों के लिए महंगाई राहत भत्ते में समुचित समायोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत पैसे निकालने की प्रक्रिया को और सरल बनाया गया है, साथ ही डिजिटल माध्यम से समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है।
बैंकिंग सेवाएं — घर बैठे मिलेगी मदद
70 वर्ष से अधिक या शारीरिक रूप से अशक्त बुजुर्ग नागरिकों के लिए बैंकों को अब घर पर बैंकिंग सेवाएं देना अनिवार्य होगा। नकद लेन-देन, चेक जमा करना जैसी सुविधाएं या तो निःशुल्क होंगी या बेहद कम शुल्क पर घर तक पहुंचाई जाएंगी। बैंक शाखाओं में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग काउंटर और प्राथमिकता सेवा की व्यवस्था जारी रहेगी। फिक्स्ड डिपॉजिट पर उन्हें 0.25% से 0.50% तक अतिरिक्त ब्याज दर का लाभ भी मिलता रहेगा। साथ ही डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों के ज़रिए बुजुर्गों को ऑनलाइन बैंकिंग में होने वाले फ्रॉड से सुरक्षित रखने के प्रयास किए जाएंगे।
यात्रा सुविधाएं — सफर होगा आसान और आरामदेह
रेलवे में वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी। व्हीलचेयर सुविधा और विशेष प्रतीक्षालय की व्यवस्था को और मज़बूत किया जाएगा। हवाई यात्रा के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को विमान में चढ़ने और उतरने में प्राथमिकता व सहायता मिलती रहेगी। राज्य सरकारों की बस सेवाओं में रियायती या निःशुल्क यात्रा पास की सुविधा भी पहले की तरह जारी रहेगी।
सुरक्षा उपाय — धोखाधड़ी और उत्पीड़न पर कड़ा पहरा
बुजुर्गों को साइबर ठगी से बचाने के लिए हेल्पलाइन सेवाओं को और सशक्त किया जाएगा। किसी भी संदिग्ध लेन-देन की स्थिति में तुरंत अलर्ट भेजा जाएगा। वरिष्ठ नागरिक अधिनियम के अंतर्गत ज़िला स्तरीय न्यायाधिकरण सक्रिय रहेंगे और पुलिस थानों में विशेष सहायता डेस्क भी स्थापित किए जाएंगे। संपत्ति विवाद या परिजनों द्वारा किसी प्रकार के उत्पीड़न की शिकायत पर सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।








